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Overviewदस नंबर मधु मिस्त्री गली के ऊपर के कमरे में चिरकुमार सभा की बैठकें होती हैं। यह सभा के सभापति चंद्रमाधव बाबू का मकान है। वे ब्राह्मण कॉलेज के अध्यापक हैं। देश के कामों में बड़ा उत्साह दिखाते हैं। मातृभूमि की उन्नति के लिए उनके मस्तिष्क में तरह-तरह के विचार आते रहते हैं। शरीर दुबला मगर मजबूत है। ललाट ऊँचा है और बड़ी-बड़ी आँखें विचारों से डबाडब भरी होती हैं। पहले-पहल इस सभा के ढेर सारे सदस्य थे। इस समय सभापति को छोड़कर केवल तीन सदस्य हैं। इस गिरोह से निकले युवक विवाह करके गृहस्थ को गए हैं, और तरह-तरह के धंधों में लग गए हैं। इन दिनों ये लोग किसी तरह के चंदे की रसीद देखकर पहले-पहल उसे हँसी में उड़ा देते हैं। अगर इस पर भी रसीदधारी में टिके रहने का लक्षण दिखाई दे तो गाली-गलौज शुरू कर देते हैं। अपना उदाहरण याद आते ही देश-प्रेमियों के प्रति उनके मन में अत्यंत अनादर जन्म लेता है। Full Product DetailsAuthor: Rabindranath TagorePublisher: Prabhakar Prakashan Private Limited Imprint: Prabhakar Prakashan Private Limited ISBN: 9789367937518ISBN 10: 9367937512 Pages: 216 Publication Date: 23 June 2025 Audience: General/trade , General Format: Hardback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor InformationTab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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