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Overviewकाली मेरे प्राणों की पुकार मेरे लिए सिर्फ कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि माँ काली के प्रति एक संतान के मिले-जुले भावों की ईमानदार अभिव्यक्ति है। इन कविताओं में कभी अटूट श्रद्धा है, तो कभी प्रश्न और तड़प। कभी माँ से दूरी का अनुभव है, तो कभी उनकी निरंतर उपस्थिति का शांत भरोसा। यह पुस्तक किसी निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए नहीं लिखी गई, बल्कि उस यात्रा को शब्द देती है जो भक्ति, संशय और समर्पण के बीच लगातार चलती रहती है। यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जिनके हृदय में माँ काली के प्रति श्रद्धा है,और जो भक्ति को आडंबर नहीं, अनुभव के रूप में महसूस करना चाहते हैं।यदि आपके हृदय में माँ काली के प्रति श्रद्धा है, तो संभव है इन पन्नों में आप अपने ही भावों की झलक पाएँ। Full Product DetailsAuthor: श्रेयाPublisher: Libresco Feeds Private Limited Imprint: Libresco Feeds Private Limited ISBN: 9789375108931ISBN 10: 9375108937 Pages: 100 Publication Date: 31 October 2025 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Table of ContentsReviewsAuthor Informationमैं, श्रेया, भक्ति, अनुभव और आत्मचिंतन से प्रेरित होकर लिखती हूँ। मेरी कविताएँ किसी सिद्धांत को स्थापित करने के लिए नहीं, बल्कि हृदय में उठते सच्चे भावों को जैसा-का-तैसा रखने का प्रयास हैं। मेरा लेखन अनुभव, भक्ति और आत्मचिंतन के बीच, एक सहज संवाद है। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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