Poetry collection 641 (Edition1)

Author:   Anisha Jain
Publisher:   Libresco Feeds Private Limited
ISBN:  

9789375271246


Pages:   52
Publication Date:   11 November 2025
Format:   Paperback
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Poetry collection 641 (Edition1)


Overview

ये काव्य संग्रह मेरी आत्मा की करुण पुकार है इसके हर शब्द में सजा सियाराम का दिव्य श्रृंगार है एक भक्त ने लिखा ये काव्य संदेश इसमें छुपी मेरी श्री राम के प्रति प्रेम भक्ति विशेष... हर कण क्षण में मुझे दिखे राम हर भाषा हर क्षेत्र राम का परिणाम राम ""अनिशा"" की सबसे सुंदर कल्पना सियाराम जिंदगी के धरातल पर प्यारी सी अल्पना... हर इतिहास हर भूगोल कहाँ नहीं राम राम से शुरू राम पर अंत जीवन का हर संग्राम जब मन को जीत लिया तो राम दरस दे जाएँगे कोई आए ना आए मेरे राम अवश्य आयेंगे...

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Author:   Anisha Jain
Publisher:   Libresco Feeds Private Limited
Imprint:   Libresco Feeds Private Limited
ISBN:  

9789375271246


ISBN 10:   9375271242
Pages:   52
Publication Date:   11 November 2025
Audience:   General/trade ,  General
Format:   Paperback
Publisher's Status:   Active
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Author Information

""अनिशा एक ऐसी कवयित्री हैं जिनके शब्दों में भक्ति की सरलता और हृदय की गहराई का अद्भुत संगम है। उनके लिए साहित्य केवल शब्दों का मेल नहीं, बल्कि अपने आराध्य 'सियाराम' तक पहुँचने का एक पवित्र मार्ग है। 'अनिशा' का मानना है कि जीवन के हर कण और हर क्षण में राम की ही उपस्थिति है।अनिशा भोपाल, मध्य प्रदेश की निवासी है और एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है उनकी लेखनी 'जिंदगी के धरातल पर एक प्यारी सी अल्पना' की तरह है, जो पाठकों के मन में सात्विकता और प्रेम का रंग भरती है। इतिहास और भूगोल से परे, वे राम को अपनी सबसे सुंदर कल्पना और जीवन का अंतिम लक्ष्य मानती हैं। यह काव्य संग्रह उनके उसी अटूट विश्वास और भक्ति का परिणाम है, जिसे वे अपनी आत्मा की करुण पुकार कहती हैं।""

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