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Overviewलिखी हुई ख़ामोशियाँ उन भावनाओं का संग्रह है जो बोलने से पहले भीतर ठहरती हैं। यह किताब शोर के विरुद्ध नहीं, बल्कि उस ख़ामोशी के साथ खड़ी है जो धीरे-धीरे शब्द बन जाती है। इन कविताओं में प्रश्न हैं, स्वीकार है, टूटन है और ठहराव भी। यह संग्रह उनके लिए है जो महसूस तो बहुत कुछ करते हैं, पर हमेशा कह नहीं पाते। यह किताब जवाब नहीं देती-बस ईमानदारी से साथ बैठती है। Full Product DetailsAuthor: Rani KumariPublisher: Libresco Feeds Private Limited Imprint: Libresco Feeds Private Limited ISBN: 9789375279914ISBN 10: 937527991 Pages: 64 Publication Date: 10 November 2025 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Table of ContentsReviewsAuthor Informationरानी कुमारी को लिखना पसंद है।वो ख़ामोशियों को शब्दों में ढाल देती हैं। वह भावनाओं को सजाकर नहीं, जैसा महसूस होता है वैसा लिखती हैं। उनकी कविताएँ रोज़मर्रा के अनुभवों, भीतर की ख़ामोशियों और उन सवालों से जन्म लेती हैं जो अक्सर कहे नहीं जाते। रानी मानती हैं कि कविता किसी विषय की मोहताज नहीं होती-वह उस क्षण से बनती है जो भीतर ठहर जाता है। लिखी हुई ख़ामोशियाँ उनकी पहली काव्य-कृति है। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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