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Overviewअल्प समय में ही विधि लेख से विवश जीवनसाथी के दिवंगत होने पर अनंत अकेलेपन में अपनी कुछ पहले की लिखीं और कुछ उनके बाद में । स्वरचित कविताओं को पुस्तक रूप अब भाव विमुक्त करने का सफ़र है । आशा है कि आप इसे अपने जीवन के अनमोल क्षण का साथ ज़रूर देंगे ।यह मेरी प्रथम पुस्तक है या शायद अंतिम हो,या एक नई शुरुआत,यह मैं अभी नहीं कह सकती।यह पुस्तक कविताओं का मात्र संकलन नहीं,अपितु मेरी कुछ कविताएँ जन्मी हैं प्रेम से,मौन से,सपनों से,उम्मीदों से,सहसा हुईअनुभूति से,हमेशा के लिए छूट जाने पर,अंधेरे के बाद भी कहीं जीवित मेरी सोच को समक्ष रखती हैं। यदि इन कविताओं में आपको कोई अपना भी अनुभव,कोई भाव, कोई एहसास, प्रेरणा दिखाई दे जाए, यही फिर इस पुस्तक की सार्थकता होगी। Full Product DetailsAuthor: निधि वत्सPublisher: Libresco Feeds Private Limited Imprint: Libresco Feeds Private Limited ISBN: 9789375272410ISBN 10: 9375272419 Pages: 72 Publication Date: 08 November 2025 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Table of ContentsReviewsAuthor Informationनिधि वत्स का जन्म दिनांक 19 दिसंबर 1987 को करनाल,हरियाणा में एक मध्यमवर्गीय ब्राह्मण संयुक्त परिवार में हुआ । प्रारंभ से स्नातकोत्तर भूगोल एवं बी.एड तक समस्त शिक्षा अपने गृहनगर से ही सफलतापूर्वक प्राप्त की। तपश्चात 2012 में ब्रह्म विवाह बीकानेर,राजस्थान में रहे एक प्रतिष्ठित दक्षिण भारतीय ब्राह्मण सेवानिवृत आर्मी अफ़सर के प्यारे सुपुत्र श्री मोहित मधुसूदन से सम्पन्न हुआ ।अल्प समय में ही विधि लेख से विवश जीवनसाथी के दिवंगत होने पर अनंत अकेलेपन में अपनी कुछ पहले की लिखीं और कुछ उनके बाद में I यह उनकी प्रथम पुस्तक है I वर्तमान में शिक्षण के प्रति गहरी आस्था, शाला संचालन कार्य एवं शेष परिवार के प्रति अपने दायित्वों के प्रति तटस्थता से जुड़ी हैं । Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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