|
|
|||
|
||||
Overviewयह किताब प्रेम, विरह और आत्ममंथन की उन गहराइयों का सफ़र है, जहाँ शब्द दिल की धड़कनों से जन्म लेते हैं। इसमें बेबस इश्क़ की कसक है, अकेलेपन की ज़िद है और ख़ामोश इंतज़ार की तपिश भी। हर कविता उन अनकहे एहसासों को आवाज़ देती है जिन्हें हम अक्सर अपने भीतर दबा लेते हैं। यह सिर्फ़ शायरी का संग्रह नहीं, बल्कि भावनाओं का आईना है - जहाँ पाठक स्वयं को, अपने दर्द को और अपनी उम्मीदों को पहचान सकता है। यह किताब उन दिलों के लिए है जो ज़रूरत से ज़्यादा महसूस करते हैं। Full Product DetailsAuthor: Neeraj Kumar SinghPublisher: Libresco Feeds Private Limited Imprint: Libresco Feeds Private Limited ISBN: 9789375274650ISBN 10: 9375274659 Pages: 40 Publication Date: 08 November 2025 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Table of ContentsReviewsAuthor Informationनीरज कुमार सिंह एक संवेदनशील हिंदी-उर्दू कवि हैं, जिनके लिए लेखन आत्मसंवाद और आत्मअभिव्यक्ति का माध्यम है। उनकी रचनाएँ प्रेम, विरह, अकेलेपन और आंतरिक संघर्षों की गहराइयों को सरल लेकिन प्रभावशाली शब्दों में व्यक्त करती हैं। वे मानते हैं कि कविता लिखी नहीं जाती, जी जाती है। उनकी लेखनी उन लोगों की आवाज़ है जो महसूस तो बहुत करते हैं, पर कह नहीं पाते। यह उनकी वह पुस्तक है, जिसमें उन्होंने अपने अनुभवों और एहसासों को सच्चाई और बेबाकी से प्रस्तुत किया है। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
||||