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||||
Overviewआर्यों के आने से पूर्व यहाँ द्रविडों की सभ्यता थी I द्रविडों ने भारत के उत्तर पश्चिम क्षेत्र एवं दक्षिण प्रायद्वीप में अपनी बस्तियाँ और नगर बसाए, तथा मेसोपोटामिया जैसे सुदूर देशों में अपना व्यापार फैलाया I मध्य एशिया से आये आर्यों ने हलके एवं तीक्ष्ण हथियारों व् गतिशील रथों की सहायता से द्रविड़ों पर विजय प्राप्त की I देवासुर संग्राम के बाद आर्यों व् द्रविडों का संविलयन प्रारम्भ हुआ I दक्षिण की दिशा अगस्त्य की दिशा कहलाती है I मुनि अगस्त्य ही आर्यों को दक्षिण तक लेकर गए तथा अनेक द्रविड़ों को आर्यों में सम्मिलित किया I राम ने दक्षिण को जीता किन्तु राम की विजय आर्यों की दक्षिण विजय नहीं थी क्योंकि राम-रावण युद्ध से पूर्व ही राम ने आर्यों व द्रविडों का एकीकरण कर नई सभ्यता, नया धर्म और नई संस्कृति का निर्माण कर दिया था, जिसने भारत को एक राष्ट्र के रूप में स्थापित करना प्रारम्भ किया I राम के द्वारा किये गए अनेक महान कार्यों में यह महानतम था, जिसने ईश्वर के रूप में उनका रूपांतरण कर दिया I Full Product DetailsAuthor: Sanjay TripathiPublisher: Manjul Publishing House Pvt Ltd Imprint: Manjul Publishing House Pvt Ltd Dimensions: Width: 12.90cm , Height: 1.90cm , Length: 19.80cm Weight: 0.327kg ISBN: 9788183227513ISBN 10: 8183227511 Pages: 336 Publication Date: 21 September 2016 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor InformationTab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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