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Overview""सूफी इश्क़"" आत्मा की उस सूक्ष्म यात्रा की कविता है, जहाँ प्रेम की शुरुआत खुद को स्वीकारने से होती है। जब कोई अपने भीतर झाँकना शुरू करता है, तब वह धीरे-धीरे उस दिव्यता से जुड़ता है जो हमेशा वहीं छिपी रही। यह संग्रह आत्मप्रेम को एक आध्यात्मिक साधना के रूप में प्रस्तुत करता है जहाँ हर पंक्ति आत्मा की तन्हाई में जलता हुआ चिराग़।आत्म-जागरूकता के क्षणों में जब चित्त स्थिर होता है, तब आत्म-साक्षात्कार की झलक मिलती है।यही आत्मा का पहला इश्क़ है शुद्ध, शांत और बेहद गहरा। स्वयं का पूर्ण समर्पण, ईश्वर के साथ एक होने की स्थिति,व्यक्तिगत इच्छा का ईश्वर की इच्छा में विलय हो जाना, अपने जीवनसाथी के साथ रूहानी इश्क को हृदय की गहराईयों से बड़ी शिद्दत से महसूस करना, यही मेरी कविताओं में प्रस्तुत किया गया है। Full Product DetailsAuthor: स्वर्णरश्मिPublisher: Bookleaf Publishing Imprint: Bookleaf Publishing Dimensions: Width: 12.70cm , Height: 1.10cm , Length: 20.30cm Weight: 0.209kg ISBN: 9789372136852ISBN 10: 9372136859 Pages: 206 Publication Date: 10 October 2025 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor Informationस्वर्णरश्मि एक सूफ़ी संवेदनाओं से प्रेरित कवयित्री हैं, जिनकी लेखनी आत्म-प्रेम, आत्म-चेतना और आध्यात्मिक प्रेम की गहराइयों में उतरती है। स्वर्णरश्मि का अर्थ ही है ""सूरज की किरणें"" । जैसे सूरज की किरणें चहुंओर अपना प्रकाश फैलाती हैं, उनकी कविताएँ सबके जीवन में नई रोशनी एवं नई ऊर्जा का संचार कर सकें और उन्हें दिव्य-प्रेम,आत्म-प्रेम और आंतरिक सुकून की भावनाओं से ओतप्रोत कर सके । उनके शब्दों में न केवल भावनाओं की कोमलता है, बल्कि एक आंतरिक शांति की झलक भी मिलती है। यही विचार उनकी कविताओं की आत्मा बन जाता है। सूफ़ी दर्शन, प्रेम की शुद्धता, और आत्मा की यात्रा को कविता के माध्यम से गहराई से व्यक्त करना स्वर्णरश्मि की विशेषता है। उनका लेखन संवेदनशील हृदयों को आत्मिक यात्रा पर ले जाता है। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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