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Overviewजीवन में कभी-कभी हम ऐसे रास्तों की तलाश करते हैं, जहाँ मन को शांति मिले, आत्मा को तृप्ति मिले, और जीवन के मूल्य स्पष्ट हों। यही प्रेरणा मेरे मन में तब आई, जब मैंने यह कहानी लिखने का निर्णय लिया। यह कहानी केवल एक विश्वविद्यालय, पहाड़ों और रावी नदी की सुंदरता का वर्णन नहीं है, बल्कि यह उन भावनाओं, संबंधों और जीवन की सीखों का चित्रण है, जो हर युवा अपने जीवन में अनुभव करना चाहता है। ""शांति की ओर रावी किनारे, पहाड़ों के बीच, युवाओं की कहानी"" में आप पढ़ेंगे पूरन सिंह का जीवन-एक ऐसा व्यक्ति, जिसने पहाड़ों और नदियों के बीच अपने मन और आत्मा को समझा। उन्होंने न केवल तकनीकी ज्ञान दिया, बल्कि अपने छात्रों को नैतिक मूल्यों, साहस, धैर्य और आत्म-संयम की सीख भी दी। उनके माध्यम से यह कहानी यह दर्शाती है कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है; यह जीवन, चरित्र और समाज को बेहतर बनाने का माध्यम भी है। मैंने इस कहानी को इस उद्देश्य से लिखा है कि यह युवाओं को प्रेरित करे, उन्हें जीवन के मूल्यों की ओर मार्गदर्शन करे और उन्हें यह दिखाए कि शांति केवल बाहरी वातावरण में नहीं, बल्कि हमारे भीतर भी पाई जा सकती है। यह कहानी हास्य, रोमांच, रोमांस और रहस्य के मिश्रण के साथ-साथ आध्यात्मिकता और नैतिकता का भी संदेश देती है। आशा है कि आप इस यात्रा में पूरन सिंह और उनके छात्रों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे, उनके संघर्षों, खुशियों और सीखों का अनुभव करेंगे, और अंततः आप भी अपनी जिंदगी में ""शांति की ओर"" बढ़ेंगे। Full Product DetailsAuthor: प्रोफेसर सिंहPublisher: Guddu Imprint: Guddu Dimensions: Width: 12.70cm , Height: 1.50cm , Length: 20.30cm Weight: 0.254kg ISBN: 9798224979554Pages: 254 Publication Date: 19 February 2026 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor InformationTab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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