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Overviewएक सफरनामा जिसमे मैं हूँ, तुम हो और हम हैं। एक कोशिश ये ढूंढने की की 'हम' बनने में कही मैं और तुम खो तो नहीं गए।"" मैं तुम और हम "" उस सारी अनकही बातों का संकलन है जो या तो कही नहीं गयी, या समझी नहीं गयी, या कुछ ऐसा तो था तो हमेशा से पर अस्फुट भावनाओ के बीच दबा रह गया । इस पूरी यात्रा में आपको मिलेगा प्रेम, सम्मान, संघर्ष और उनसे गढ़े गए रिश्ते । यह संकलन उस यात्रा के नाम जो हम सब खुद में और अपने संबंधों में प्रतिदिन करते है। Full Product DetailsAuthor: मीना अभिषेकPublisher: Libresco Feeds Private Limited Imprint: Libresco Feeds Private Limited Dimensions: Width: 12.70cm , Height: 0.20cm , Length: 20.30cm Weight: 0.050kg ISBN: 9789369536962ISBN 10: 9369536965 Pages: 42 Publication Date: 01 March 2025 Audience: General/trade , General Format: Book Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor Informationमीना अभिषेक, व्यवसाय से डेंटिस्ट और शौक से बागवानी करती हैं। जन्म से मीना सिंह पर शादी के बाद पति के नाम को खुद के साथ जोड़ना पसंद किया । ये कविता संग्रह शायद इसी विचारधारा से प्रेरित है। विचारधारा, जो मानती है की नए सम्बन्ध में जुड़ाव के साथ स्वयं के व्यक्तित्व का स्वातंत्र्य पूर्णतया संभव है। कभी किरदार बनके तो कभी कहानी, प्रयास है ये समझने का, की ' हम ' होने पर भी ' मैं ' और ' तुम ' का रहना संभव है। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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