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Overviewइन छोटी छोटी रचनाओं में कहीं होली के उत्सव की तो कहीं श्रीकृष्ण के परम पावन नामों का गायन किया है। वैसे ये अंतरंग ह्दयोल्लास का विवरण हैं जो बृज के गोपी ग्वाल प्रभू श्रीकृष्ण के साथ हर दिन मनाते थे । श्री महाप्रभुजी ने जो सेवा रीति प्रकटायी है वो ही हमारे भावों को घडती है । भाषा सरल हिंदी एवं बृजभाषा है। Full Product DetailsAuthor: मयुर गोस्वामीPublisher: Libresco Feeds Private Limited Imprint: Libresco Feeds Private Limited Dimensions: Width: 12.70cm , Height: 0.30cm , Length: 20.30cm Weight: 0.059kg ISBN: 9789369534630ISBN 10: 9369534636 Pages: 48 Publication Date: 01 March 2025 Audience: General/trade , General Format: Book Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor Informationमैं पुष्टिमार्गीय संप्रदाय से हूं । नाथद्वारा पिछवाई कला, बृज की सांझी चित्रण, और श्री ठाकुरजी की आरती की थाली चित्रण आदि हमारे परिवार की सेवा विधि में शामिल हैं । विभिन्न फूलों के हिंडोला, फूलमंडली एवं मालाजी की कला भी श्री ठाकुरजी को ऋतु अनुसार हम धराते हैं ।ग्रंथ साहित्य में विशेष रूचि हैं, यही इस पुस्तक की रचना का हेतु की मेरी भक्ति की सहज भावना आप के साथ साझा करूं । आप को प्रभुकृपा से इसमें आनंद आवे यही आशा है । मुंबई मोटा मंदिर के परंपरागत हम वल्लभ वंशज हैं । Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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