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Overviewयह संग्रह 21 कविताओं का एक सुंदर गुलदस्ता है जो जीवन के विविध पहलुओं को छूता है। इसमें भौतिक और अभौतिक वस्तुओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों और भावनाओं पर लिखी गई संवेदनशील रचनाएं समाहित हैं। विभिन्न छंदों का सुंदर प्रयोग करते हुए लेखिका ने मानवीय संवेदनाओं और जीवन के सत्य को शब्दों में पिरोया है। प्रत्येक कविता जीवन की एक अलग झलक प्रस्तुत करती है और पाठकों के हृदय को स्पर्श करती है। Full Product DetailsAuthor: शीला संचेतीPublisher: New Management Pocketbooks Imprint: New Management Pocketbooks Dimensions: Width: 12.70cm , Height: 0.30cm , Length: 20.30cm Weight: 0.054kg ISBN: 9789373144313ISBN 10: 9373144316 Pages: 46 Publication Date: 10 October 2025 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor Informationशीला संचेती एक बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। वे एक कुशल चित्रकार हैं जिन्होंने स्वर्गीय इंद्रा दुगड़ से कला की शिक्षा प्राप्त की। लेखन के क्षेत्र में भी उनकी गहरी रुचि है और उनकी पुस्तक ""अंगुरी भर शब्द"" पहले ही प्रकाशित हो चुकी है। उनके लेखन और अध्ययन की खुराक रंग-कुची के साथ समय व्यतीत करना आम तुष्टि का सामान है। 78 वर्षीय शीला जी ने अपना जीवन कला और साहित्य को समर्पित किया है। माता-पिता पाना देवी व शुभकरण जी रांका (राजलदेशर), सास-ससुर इचरज देवी व मंगतमल जी संचेती (सरदारशहर) के आशीर्वाद से उन्होंने विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अपनी रचनाएं प्रकाशित की हैं। चित्रकिकन व धार्मिक अध्ययन में रुचि बरकरार रखते हुए वे निरंतर सृजनशील बनी हुई हैं। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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