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Overviewचित्त स्पंदन मन भाव की विविध तरंगें यह काव्य-संग्रह मनुष्य के अंतरतम भावों की झंकार है। इसमें मन के उतार-चढ़ाव, आशा-निराशा, साहस-धैर्य, विश्वास-हिम्मत और जीवन की संवेदनाओं को कविताओं के रूप में पिरोया गया है। लेखक ने इन कविताओं के माध्यम से मानव मन की गहराइयों को शब्दों में ढालते हुए पाठकों को आत्मचिंतन की ओर आमंत्रित किया है। प्रत्येक कविता एक नई अनुभूति का द्वार खोलती है-कहीं यह जीवन के संघर्ष में प्रकाशस्तंभ है, तो कहीं संवेदना की कोमल धारा। 'चित्त स्पंदन' केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक भाव-यात्रा है, जो पाठकों को उनके अपने भीतर झाँकने के लिए प्रेरित करती है। Full Product DetailsAuthor: कपिल स 'मनमौजी'Publisher: Bookleaf Publishing Imprint: Bookleaf Publishing Dimensions: Width: 12.70cm , Height: 0.30cm , Length: 20.30cm Weight: 0.054kg ISBN: 9798898654764Pages: 46 Publication Date: 20 September 2025 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor Informationकपिल सिंह 'मनमौजी' जयपुर, राजस्थान में निवास करते हैं। उन्होंने विज्ञान की पढ़ाई करने के बाद कंप्यूटर में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। बीते 20 वर्षों से वे आईटी क्षेत्र में कार्यरत हैं, लेकिन तकनीकी दुनिया के साथ-साथ साहित्य और लेखन के प्रति उनकी गहरी रुचि रही है। पेशेवर जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी उन्होंने अपने भावों को शब्दों में ढालने का प्रयास किया। जब भी जीवन की कोई घटना उनके हृदय को स्पर्श करती है, वे उसे कविता के रूप में व्यक्त करते हैं। यही कविताएँ धीरे-धीरे एक संग्रह का रूप लेती गईं, जो पाठकों के जीवन से भी मेल खाती हैं। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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