|
|
|||
|
||||
Overviewज़िंदगी तेज़ है। काम, ज़िम्मेदारियाँ, उम्मीदें और तनाव- सब कुछ हमें लगातार दौड़ाए जा रहा है। लेकिन क्या सचमुच ज़िंदगी का अर्थ इसी दौड़ में छिपा है? यह काव्य-संग्रह उसी सवाल से जन्मा है। इन कविताओं में न कोई उपदेश है, न कोई तय जवाब- बस जीवन को महसूस करने की एक ईमानदार कोशिश है। यह किताब उस लेखक की यात्रा है जिसने काम के दबावों और तनाव के बीच भी सुकून को प्राथमिकता देने का चुनाव किया। यहाँ शब्द शोर नहीं करते, धीरे से बात करते हैं। कभी मन से, कभी अनुभवों से, और कभी उस खामोशी से जहाँ जीवन अपने असली अर्थ बताता है। अगर आप भी ज़िंदगी को समझने के लिए कभी रुकना चाहते हैं, अगर आप भी भागते हुए पलों में थोड़ा सुकून ढूँढ रहे हैं- तो यह पुस्तक आपसे चुपचाप संवाद करेगी। Full Product DetailsAuthor: शुभम अग्रवालPublisher: Bookleaf Publishing Imprint: Bookleaf Publishing Dimensions: Width: 12.70cm , Height: 0.30cm , Length: 20.30cm Weight: 0.064kg ISBN: 9789375101123ISBN 10: 9375101126 Pages: 54 Publication Date: 10 January 2026 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor Informationशुभम अग्रवाल एक ऐसे लेखक हैं, जिनके लिए लेखन सिर्फ़ अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन को समझने का एक शांत माध्यम है। व्यावसायिक जीवन की व्यस्तता और काम के दबावों के बीच भी उन्होंने सुकून को प्राथमिकता देने का चुनाव किया- और वही चुनाव उनकी कविताओं की आत्मा बन गया। उनकी रचनाएँ दिखावे से दूर, अनुभवों के क़रीब, और जीवन के छोटे-छोटे सत्यों पर आधारित हैं। वे मानते हैं कि कविता का उद्देश्य उत्तर देना नहीं, बल्कि पाठक को अपने भीतर झाँकने का अवसर देना है। यह काव्य-संग्रह उनकी उसी भीतर की यात्रा का दस्तावेज़ है- जहाँ शब्द, मौन और जीवन आपस में संवाद करते हैं। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
||||