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Overview""कला - सृष्टि का छठा तत्व"" 27 कविताओं का अद्वितीय संकलन है, जहाँ कला को जीवन, स्मृति, ऊर्जा, मौन, मृत्यु और शून्य के आयामों में खोजा गया है। यह पुस्तक बताती है कि कला पाँच महाभूतों से परे, चेतना का छठा और अनिवार्य तत्व है-जो मनुष्य को सृजनशील बनाता है। पहली कविताएँ अनुभव, संवेदना और रूप के स्तर पर चलती हैं, जबकि अंतिम पाँच पंचकोश - पाँच महाग्रंथ की तरह कला को प्रेम से लेकर अनहद तक पूर्ण यात्रा प्रदान करती हैं। यह रचना पाठक को सोचने नहीं-अनुभव करने के लिए आमंत्रित करती है। Full Product DetailsAuthor: राजकुमार गाडेPublisher: New Management Pocketbooks Imprint: New Management Pocketbooks Dimensions: Width: 12.70cm , Height: 0.90cm , Length: 20.30cm Weight: 0.163kg ISBN: 9789373141909ISBN 10: 9373141902 Pages: 158 Publication Date: 28 October 2025 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor Informationडॉ. राजकुमार गाडे एक बहुआयामी सृजनकर्ता-कवि, कलाकार, विचारक और अध्येता हैं। कला उनके लिए केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि चेतना का छठा तत्त्व है, जहाँ शब्द, मौन, रंग और अनुभूति एक ही धारा में प्रवाहित होते हैं। उनकी कविता जीवन, स्मृति, मृत्यु और शून्य के सूक्ष्म सत्य को स्पर्श करती है। ""कला - छठा तत्त्व"" उनकी आंतरिक साधना और रचनात्मक यात्रा का संकलित रूप है। डॉ. गाडे के लिए कला लक्ष्य नहीं-अस्तित्व की प्राकृतिक अवस्था है। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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