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Overviewइश्क़ की नर्मी, जज़्बात की गहराई और ज़िन्दगी की तल्ख़ सच्चाई-ये तीनों रंग इस ग़ज़ल-संग्रह में घुल-मिलकर सामने आते हैं। 'अंजान' के अशआर सिर्फ़ दिल की धड़कनों का बयान नहीं, बल्कि हौसलों की मजबूत आवाज़ भी हैं। कहीं मोहब्बत की मिठास है, कहीं तन्हाई की ख़ामोशी, तो कहीं संघर्ष के बीच यक़ीन की रोशनी। हर ग़ज़ल एक आईना है-जो पाठक को अपने जज़्बात और अपने हौसलों से रू-ब-रू कराती है।यह किताब सिर्फ़ पढ़ी नहीं जाती, बल्कि महसूस की जाती है। Full Product DetailsAuthor: आल श्रीवास्तवPublisher: Bookleaf Publishing Imprint: Bookleaf Publishing Dimensions: Width: 12.70cm , Height: 0.40cm , Length: 20.30cm Weight: 0.082kg ISBN: 9798900814452Pages: 76 Publication Date: 22 December 2025 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Table of ContentsReviewsAuthor Informationलखनऊ की तहज़ीब और अदबी माहौल में जन्मे आलोक श्रीवास्तव 'अंजान' ने अपने पिता की कविताओं से प्रेरणा पाकर लेखन की ओर रुख़ किया। बचपन से ही अल्फ़ाज़ उनके साथी रहे और ग़ज़लों ने उनके जज़्बात को अभिव्यक्ति दी। पेशे से वे एक बहुराष्ट्रीय बैंक के वित्तीय तंत्र में कार्यरत हैं, लेकिन दिल से शायर-उनकी लेखनी मोहब्बत की नर्मी, ज़िन्दगी की सच्चाई और हौसलों की रोशनी को अपने शेरों में पिरोती है। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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