|
|
|||
|
||||
Overviewयह काव्य-संग्रह एक गहन व्यक्तिगत शोक, अनंत प्रेम, और आत्मिक संवाद की भावनात्मक यात्रा है। लेखक अमित सक्सेना 'अनहद' ने इस पुस्तक को अपनी दिवंगत पत्नी डॉ. जूली माथुर की स्मृति में समर्पित किया है। संग्रह की प्रत्येक कविता एक अलक्षित प्रेम-गाथा का हिस्सा है - जहाँ नायिका की अनुपस्थिति में भी उसकी उपस्थिति हर शब्द, हर विराम और हर श्वास में जीवंत बनी रहती है। शब्दों के माध्यम से लेखक ने वियोग को स्वीकारने, स्मृतियों से जुड़ने, और आध्यात्मिक प्रेम को अनुभव करने का माध्यम बनाया है। कहीं-कहीं कविताएँ सामाजिक रीति-रिवाज़ों, स्त्री की पीड़ा और आत्मिक रिश्तों की भी झलक देती हैं। Full Product DetailsAuthor: अमित सक्स अनहद)Publisher: Bookleaf Publishing Imprint: Bookleaf Publishing Dimensions: Width: 12.70cm , Height: 0.20cm , Length: 20.30cm Weight: 0.050kg ISBN: 9798898655877Pages: 42 Publication Date: 20 September 2025 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor Informationश्री अमित सक्सेना समकालीन हिन्दी कविता के एक सशक्त स्वर हैं। इन्होंने विज्ञान मे स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है तथा साहित्य से उनका गहरा जुड़ाव छात्र जीवन से ही रहा। इन्होंने समाज, प्रेम, प्रकृति, और आत्मचिंतन जैसे विविध विषयों को अपनी कविताओं में गूंथा है। विज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत होकर इंदौर में निवास करते हुए, साहित्यिक सृजन के साथ-साथ विभिन्न काव्य मंचों पर भी सक्रिय रहे हैं। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
||||