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Overview'1857 का स्वातंत्र्य समर' वीर सावरकर की वह ऐतिहासिक कृति है, जो केवल अतीत का वर्णन नहीं करती, बल्कि स्वयं इतिहास बन जाती है। यह ग्रंथ 1857 की घटना को एक साधारण सिपाही विद्रोह से ऊपर उठाकर प्रथम संगठित भारतीय स्वातंत्र्य संग्राम के रूप में स्थापित करता है। गहन शोध, ओजस्वी भाषा और निर्भीक दृष्टि के कारण यह पुस्तक ब्रिटिश शासन के लिए इतनी भयावह सिद्ध हुई कि इसे प्रकाशित होने से पहले ही प्रतिबंधित कर दिया गया। गुप्त संस्करणों, अंतरराष्ट्रीय वितरण और क्रांतिकारियों के बीच इसके प्रसार ने इसे देशभक्तों की 'गीता' बना दिया। भगत सिंह, गदर आंदोलन और आजाद हिंद फौज तक इसकी वैचारिक प्रेरणा पहुँची। यह ग्रंथ बताता है कि इतिहास केवल घटनाओं का संकलन नहीं, बल्कि चेतना जगाने वाला विचार भी होता है। 1857 का स्वातंत्र्य समर' भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा को समझने के लिए एक अनिवार्य और कालजयी कृति है। Full Product DetailsAuthor: Vinayak Damodar SavarkarPublisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd Imprint: Diamond Pocket Books Pvt Ltd Dimensions: Width: 14.00cm , Height: 2.50cm , Length: 21.60cm Weight: 0.508kg ISBN: 9789376960590ISBN 10: 9376960599 Pages: 442 Publication Date: 20 February 2026 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor InformationTab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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