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Overviewपूरे-अधूरे इस कविता संग्रह में उन भावनाओं को शब्द दिए गए हैं जो अक्सर दिल में रह जाती हैं - अधूरे ख़्वाब, बिछड़ी यादें,और आत्मा की गहराइयों से निकली चुप्पियाँ। हर कविता एक कोशिश है ख़ुद को समझने, जोड़ने,और स्वीकार करने की। ""पूरे-अधूरे"" एक भावनात्मक यात्रा है,जहाँ पाठक ख़ुद को हर पंक्ति में खोजता है-कभी एक प्रेमी की तरह,कभी एक खोए इंसान की तरह। यह किताब उन सभी के लिए है,जिन्होंने कभी अधूरा महसूस किया है-और फिर भी उस अधूरेपन में कुछ पूरा पाया है। Full Product DetailsAuthor: Shalini NarangPublisher: Libresco Feeds Private Limited Imprint: Libresco Feeds Private Limited ISBN: 9789372132144ISBN 10: 9372132144 Pages: 58 Publication Date: 01 June 2025 Audience: General/trade , General Format: Book Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor Informationशालिनी नारंग, दिल्ली निवासी एक संवेदनशील कवियत्री और स्वशिक्षित मंडला आर्टिस्ट हैं। वे भावनाओं की गहराइयों को शब्दों और रेखाओं के माध्यम से व्यक्त करती हैं।प्रेम,अकेलापन,आत्म-खोज और कुछ अधूरे रिश्तों जैसे विषयों को वे सादगी और गहराई से छूती हैं। माता-पिता की कविताएँ पढ़ते हुए उन्हें लिखने की प्रेरणा मिली, और धीरे-धीरे लेखन उनके आत्म संवाद का माध्यम बन गया। मंडला आर्ट उनके लिए ध्यान और संतुलन का जरिया है। ""पूरे-अधूरे"" उनका पहला कविता संग्रह है, जो दिल के अनकहे हिस्सों को नर्म शब्दों में आकार देने की एक ईमानदार कोशिश है। Tab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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